sachin goel

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लेखनी कहानी -04-May-2024

मंजिल फतह करूँगा एक दिन,चाहे दूर सवेरा हो हिम्मत बाकी,बुलंद हौंसले, भले ना कोई मेरा हो सूरज राह जलाये चाहे,लाख जलजले आयें चाहे कामयाबी के ऊंचे शिखर पर, केवल मेरा डेरा हो © सचिन गोयल गन्नौर शहर,सोनीपत Insta@,, Burning_tears_797

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4 Comments

Babita patel

04-May-2024 02:51 PM

Very nice

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sachin goel

12-May-2024 01:22 AM

thank you so much

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Varsha_Upadhyay

04-May-2024 01:55 PM

बहुत खूब

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sachin goel

12-May-2024 01:22 AM

आभार आपका जी🙏

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